क्या Hold a Hand गोद लेना है? नहीं। फ़र्क़ यह है।

नहीं। The Saath Foundation गोद लेने की व्यवस्था नहीं करती, और Hold a Hand गोद लेना नहीं है। यह प्रायोजन है: आप किसी बच्चे की पढ़ाई, भोजन और देखभाल में साथ देते हैं, जबकि बच्चा अपने परिवार के साथ या अपने पंजीकृत गृह में रहता है।

किसी बच्चे को प्रायोजित करने से आपको कोई क़ानूनी या माता-पिता वाला अधिकार, अभिरक्षा, या हमारी निगरानी वाली मुलाक़ातों के बाहर कोई संपर्क नहीं मिलता।

अगर आप क़ानूनी रूप से बच्चा गोद लेना चाहते हैं

भारत में गोद लेना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत एक क़ानूनी प्रक्रिया है। इसे महिला और बाल विकास मंत्रालय का केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) चलाता है। हर क़ानूनी गोद, चाहे आप भारत में रहते हों या विदेश में, CARA की प्रक्रिया से होती है।

कहाँ से शुरू करें

  1. यह जानने के लिए कि कौन गोद ले सकता है और कैसे, CARA की वेबसाइट cara.wcd.gov.in देखिए।
  2. CARA के पोर्टल पर भावी दत्तक माता-पिता के रूप में रजिस्टर कीजिए।
  3. CARA और एक विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी गृह अध्ययन और बाकी प्रक्रिया में आपका मार्गदर्शन करते हैं।

CARA पर जाएँ (cara.wcd.gov.in)

कृपया सावधान रहें। इस क़ानूनी प्रक्रिया के बाहर गोद के लिए बच्चा देना या लेना भारत में अपराध है। अगर कोई आपको CARA के बाहर बच्चा देने की पेशकश करे, तो आगे न बढ़ें, और पुलिस या चाइल्डलाइन 1098 को बताएँ।

गोद लेना और प्रायोजन, साथ-साथ

क़ानूनी गोद Hold a Hand प्रायोजन
यह क्या है बच्चा क़ानूनी रूप से हमेशा के लिए आपका बच्चा बन जाता है आप किसी बच्चे की ज़रूरतों में साथ देते हैं, पूरी तरह या आंशिक रूप से
इसे कौन चलाता है किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत CARA साथ फ़ाउंडेशन
बच्चा कहाँ रहता है आपके साथ अपने परिवार के साथ, या अपने पंजीकृत गृह में
आपके अधिकार माता-पिता के पूरे अधिकार कोई नहीं। आप एक साथी हैं, माता-पिता नहीं
संपर्क आप बच्चे के माता-पिता हैं केवल साथ फ़ाउंडेशन के उस आयोजन के लिए किराये पर लिए स्थान पर निगरानी वाली मुलाक़ातें
कितने समय तक जीवन भर जब तक आप देना चाहें
कहाँ से शुरू करें cara.wcd.gov.in Hold a Hand

हम "बच्चा गोद लें" क्यों नहीं कहते

कई संस्थाएँ प्रायोजन को "बच्चा गोद लेना" कहती हैं। हम नहीं कहते, क्योंकि भारत में क़ानून में गोद लेने का एक ख़ास और स्थायी मतलब है। इस शब्द के ढीले इस्तेमाल से दानदाता ग़लत समझ सकते हैं कि वे क्या ज़िम्मेदारी ले रहे हैं, और परिवार उलझन में पड़ सकते हैं। भारतीय क़ानून बच्चे की शिक्षा, इलाज और रोज़ की ज़रूरतों में मदद के लिए "प्रायोजन" शब्द इस्तेमाल करता है, और हम यही करते हैं।

Hold a Hand से आप किसी बच्चे की पढ़ाई, भोजन और देखभाल को पूरी तरह या आंशिक रूप से प्रायोजित कर सकते हैं: पूरा साल या एक ज़रूरत। आप देखेंगे कि आपने कौन-सी ज़रूरतें पूरी कीं, क्या बाकी है, और हर रुपया कहाँ गया।

देखिए Hold a Hand कैसे काम करता है

लोग जो सवाल पूछते हैं

क्या मैं The Saath Foundation के ज़रिए बच्चा गोद ले सकता/सकती हूँ?

नहीं। हम गोद लेने की व्यवस्था नहीं करते। भारत में क़ानूनी गोद के लिए CARA (cara.wcd.gov.in) पर जाइए।

"पढ़ाई के लिए बच्चा गोद लें" का क्या मतलब है?

कुछ संस्थाएँ प्रायोजन के लिए यह वाक्य इस्तेमाल करती हैं। यह क़ानूनी गोद नहीं है। साथ फ़ाउंडेशन में हम इसे Hold a Hand कहते हैं: आप किसी बच्चे की पढ़ाई, भोजन और देखभाल को प्रायोजित करते हैं।

क्या मैं उस बच्चे को गोद ले सकता/सकती हूँ जिसे मैंने प्रायोजित किया है?

प्रायोजन से गोद का रास्ता नहीं खुलता। जिन बच्चों का हम साथ देते हैं, वे अपने परिवारों के साथ या पंजीकृत गृहों में रहते हैं। भारत में हर गोद CARA की क़ानूनी प्रक्रिया से होती है, और उसमें साथ फ़ाउंडेशन की कोई भूमिका नहीं है।

क्या बच्चा मेरे साथ रहने या मेरे घर आ सकता है?

नहीं। Hold a Hand में कभी अभिरक्षा या निजी संपर्क नहीं होता। आप बच्चे से केवल साथ फ़ाउंडेशन के उस आयोजन के लिए किराये पर लिए, निगरानी वाले स्थान पर, स्टाफ़ और अभिभावक की मौजूदगी में मिल सकते हैं।

मैं NRI हूँ। क्या मैं भारत से बच्चा गोद ले सकता/सकती हूँ?

विदेश में रहने वाले भारतीयों का गोद लेना भी CARA से होता है। cara.wcd.gov.in से शुरू कीजिए।

क्या हिंदी में कोई फ़र्क़ है?

हाँ। "गोद लेना" का मतलब क़ानूनी गोद है। Hold a Hand "प्रायोजन" है: आप किसी बच्चे के साथ खड़े होते हैं, उसके माता-पिता नहीं बनते।