1. उद्देश्य और प्रतिबद्धता
1.1 The Saath Foundation ("साथ फ़ाउंडेशन") पंजीकृत साझेदार आश्रय गृहों (बाल देखभाल संस्थाएँ, Child Care Institutions, "CCIs") के ज़रिए और परिवारों के ज़रिए बच्चों की मदद करती है। साथ फ़ाउंडेशन कोई बाल गृह नहीं चलाती।
1.2 यह नीति बताती है कि साथ फ़ाउंडेशन अपने हर काम में बच्चों को कैसे सुरक्षित रखती है: प्रायोजन (Hold a Hand), ऑनलाइन पढ़ाई (Teach a Child), Meet Your Saathi मुलाक़ातें और साथ मिलन के दिन, किताब और कपड़ों के अभियान, कहानियाँ, फ़ोटो और डेटा।
1.3 किसी भी बच्चे के साथ दुर्व्यवहार, शोषण या उसकी उपेक्षा, और उसे छिपाने की किसी भी कोशिश के प्रति साथ फ़ाउंडेशन की नीति बिल्कुल बर्दाश्त न करने की है।
1.4 यह नीति क़ानून का पालन करती है, उसकी जगह नहीं लेती। इसमें ये क़ानून शामिल हैं:
- लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 ("POCSO Act") और POCSO नियम, 2020;
- किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 ("JJ Act") और उसके नियम;
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP) और नियम, 2025;
- भारतीय न्याय संहिता, 2023, और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000।
1.5 जहाँ यह नीति और क़ानून अलग-अलग हों, वहाँ ज़्यादा सख़्त नियम लागू होता है।
2. यह नीति किन पर लागू होती है
हर वह व्यक्ति जो साथ फ़ाउंडेशन की ओर से काम करता है या साथ फ़ाउंडेशन के ज़रिए बच्चों से मिलता है: ट्रस्टी, स्टाफ़ (वेतनभोगी, अनुबंध पर या अंशकालिक), स्वयंसेवक, इंटर्न, सलाहकार, स्थल पर मौजूद विक्रेता, दानदाता और आगंतुक, CSR और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि, और साथ फ़ाउंडेशन की किसी गतिविधि में भाग लेते समय साझेदार गृह का स्टाफ़।
3. परिभाषाएँ
- बच्चा: 18 वर्ष से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति।
- दुर्व्यवहार: शारीरिक, यौन या भावनात्मक दुर्व्यवहार, उपेक्षा, शोषण (व्यावसायिक या ऑनलाइन शोषण सहित), और धौंस-धमकी (bullying)। यौन दुर्व्यवहार में POCSO Act के तहत हर अपराध शामिल है।
- चिंता: कोई भी ऐसी बात जिससे किसी व्यक्ति को यह फ़िक्र हो कि किसी बच्चे को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, या पहुँचाया जा सकता है। इसका साबित होना ज़रूरी नहीं है।
- सुरक्षा अधिकारी: धारा 5 में नामित व्यक्ति।
4. सिद्धांत
- (a) बच्चे का सर्वोत्तम हित सबसे पहला विचार है।
- (b) हर बच्चे को संरक्षण का समान अधिकार है, चाहे उसका लिंग, जाति, धर्म, विकलांगता या पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
- (c) बच्चों की बात सुनी जाती है और उन पर विश्वास किया जाता है। बच्चे को कभी दोष नहीं दिया जाता।
- (d) बच्चों को गरिमा के साथ दिखाया जाता है: सक्षम और आशा से भरे, कभी दया के पात्र के रूप में नहीं।
- (e) किसी बच्चे की जानकारी केवल उन्हीं से साझा की जाती है जिन्हें उसे जानने की ज़रूरत है।
- (f) साथ फ़ाउंडेशन अपराधों की जाँच नहीं करती। वह उनकी सूचना देती है और अधिकारियों के साथ सहयोग करती है।
5. भूमिकाएँ
5.1 सुरक्षा अधिकारी: Akansha Guptaa, safeguarding@thesaathfoundation.com, +91 96258 68882 (सुबह 9 से शाम 7 बजे तक)। उप अधिकारी (Deputy): Apishek Pandey, जो तब काम करते हैं जब भी सुरक्षा अधिकारी उपलब्ध न हों या चिंता स्वयं सुरक्षा अधिकारी के बारे में हो।
सुरक्षा अधिकारी:
- हर चिंता प्राप्त करती हैं और उसे दर्ज करती हैं;
- पुलिस, विशेष किशोर पुलिस इकाई (Special Juvenile Police Unit, "SJPU"), बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee, "CWC") या साइबर-अपराध पोर्टल को रिपोर्ट करती हैं;
- किसी चिंता की जाँच के दौरान किसी भी व्यक्ति के निलंबन का निर्णय लेती हैं;
- घटना रजिस्टर (incident log) और सुरक्षा फ़ाइलें रखती हैं;
- मुलाक़ात की बुकिंग मंज़ूर करती हैं और हर मुलाक़ात रिपोर्ट की समीक्षा करती हैं;
- प्रशिक्षण चलाती हैं और इस नीति को अद्यतन रखती हैं।
5.2 सुरक्षा समिति (Safeguarding Committee): सुरक्षा अधिकारी, एक ट्रस्टी और Sudesh Kumari (बेहतर होगा कि कोई ऐसा व्यक्ति जो साथ फ़ाउंडेशन के कामकाज से स्वतंत्र हो)। हर चिंता की जानकारी इसे उसी दिन दी जाती है, जहाँ संभव हो पहचान छिपाकर, और कभी नहीं जब समिति का कोई सदस्य स्वयं उसमें शामिल हो; ऐसे सदस्य उस मामले से अलग हो जाते हैं। यह रजिस्टर की समीक्षा के लिए कम से कम हर 2 महीने में बैठक करती है।
5.3 ट्रस्टी यह सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार हैं कि इस नीति का पालन हो और इसके लिए ज़रूरी संसाधन मिलें। Anil Kumar Agrawal नामित सुरक्षा ट्रस्टी हैं। POCSO Act के लिए, प्रबंध ट्रस्टी (Managing Trustee) Pravesh Rana साथ फ़ाउंडेशन के प्रभारी व्यक्ति (person in charge) हैं। प्रबंध ट्रस्टी और सुरक्षा अधिकारी, दोनों में से हर एक, यह सुनिश्चित करते हैं कि साथ फ़ाउंडेशन के स्टाफ़ या स्वयंसेवकों के विरुद्ध आरोपित किसी भी अपराध की सूचना पुलिस को दी जाए। जिस ट्रस्टी को किसी चिंता का पता चलता है, उनका भी सूचना देने का वही व्यक्तिगत कर्तव्य है जो बाक़ी सबका है (धारा 6.1)।
5.4 धारा 2 में आने वाले हर व्यक्ति को इस नीति का पालन करना होगा और चिंताओं की सूचना देनी होगी।
6. सूचना देना: क़ानून और हमारी प्रक्रिया
6.1 क़ानून क्या कहता है
- POCSO Act s.19(1). कोई भी व्यक्ति जिसे डर हो कि किसी बच्चे के विरुद्ध यौन अपराध होने की संभावना है, या जिसे पता हो कि ऐसा अपराध हुआ है, उसे SJPU या स्थानीय पुलिस को सूचना देनी होगी।
- POCSO Act s.20. मीडिया, स्टूडियो और फ़ोटोग्राफ़िक सुविधाओं के कर्मचारी, जिनके सामने किसी बच्चे से जुड़ी यौन शोषणकारी सामग्री आए, उन्हें SJPU या स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना देनी होगी।
- POCSO Act s.21. s.19 या s.20 के तहत सूचना न देने पर 6 महीने तक की क़ैद या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। किसी कंपनी या संस्था का प्रभारी व्यक्ति, जो अपने नियंत्रण में काम करने वाले किसी अधीनस्थ द्वारा किए गए अपराध की सूचना नहीं देता, 1 साल तक की क़ैद और जुर्माने से दंडनीय है।
- POCSO Rules, 2020, rule 11. जिस किसी को भी बाल यौन शोषण सामग्री मिले, या यह जानकारी मिले कि ऐसी सामग्री रखी, साझा या भेजी जा रही है, उसे SJPU, स्थानीय पुलिस या साइबर-अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) को इसकी सूचना देनी होगी।
- POCSO Act s.23 और JJ Act s.74. पीड़ित बच्चे, या देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाले बच्चे, की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए (देखें धारा 10)।
s.19 का कर्तव्य व्यक्तिगत है। साथ फ़ाउंडेशन को बता देने से किसी का पुलिस को बताने का अपना क़ानूनी कर्तव्य ख़त्म नहीं होता। साथ फ़ाउंडेशन की प्रक्रिया इसलिए है ताकि सूचना जल्दी और सही तरीक़े से दी जाए, और किसी को यह काम अकेले न करना पड़े।
6.2 अगर आपको कोई चिंता है तो क्या करें
1. अगर कोई बच्चा तुरंत ख़तरे में है, तो 112 पर कॉल करें। 2. सुनें, जाँच न करें। अगर कोई बच्चा आपको कुछ बताता है, तो शांत रहें, सुनें, और उसे भरोसा दिलाएँ कि बताना सही था। ऐसे सवाल न पूछें जो जवाब सुझाएँ, राज़ रखने का वादा न करें, किसी से आमना-सामना न करें, और बच्चे की जाँच (शारीरिक परीक्षण) न करें। 3. जितनी जल्दी हो सके, बच्चे के अपने शब्दों में लिख लें: क्या कहा गया या देखा गया, कब, कहाँ, कौन मौजूद था। उस पर हस्ताक्षर करें और तारीख़ डालें। 4. "चिंता दर्ज करें" (/en/report-a-concern) के ज़रिए, फ़ोन से या आमने-सामने, सुरक्षा अधिकारी को तुरंत बताएँ, और हर हाल में उसी दिन। अगर चिंता सुरक्षा अधिकारी के बारे में है, तो उप अधिकारी या सुरक्षा ट्रस्टी को बताएँ। संभावित यौन अपराध के मामले में, अगर 2 घंटे के भीतर न सुरक्षा अधिकारी से संपर्क हो पाए और न उप अधिकारी से, तो स्वयं पुलिस के पास जाएँ या 112 पर कॉल करें, और बाद में सुरक्षा अधिकारी को बताएँ। 5. जिस व्यक्ति के बारे में चिंता है, उसे न बताएँ, और किसी और से इस पर चर्चा न करें।
6.3 साथ फ़ाउंडेशन क्या करती है
| क़दम | कौन | कब |
|---|---|---|
| चिंता को घटना रजिस्टर में दर्ज करना; सूचना देने वाले व्यक्ति को प्राप्ति की पुष्टि करना | सुरक्षा अधिकारी | उसी दिन |
| सुरक्षा समिति को सूचित करना (जहाँ संभव हो पहचान छिपाकर; मामले में शामिल किसी सदस्य को कभी नहीं) | सुरक्षा अधिकारी | उसी दिन |
| किसी भी संदिग्ध POCSO अपराध के लिए SJPU या स्थानीय पुलिस को रिपोर्ट करना। साथ फ़ाउंडेशन पहले ख़ुद जाँच नहीं करती | सुरक्षा अधिकारी (या चिंता उठाने वाला व्यक्ति, सहायता के साथ)। अगर 2 घंटे के भीतर सुरक्षा अधिकारी और उप अधिकारी से संपर्क न हो पाए, तो जानकारी रखने वाला व्यक्ति सीधे रिपोर्ट करता है (या 112 पर कॉल करता है) और बाद में सुरक्षा अधिकारी को बताता है | तुरंत, उसी दिन, बिना देरी |
| CSAM (बाल यौन शोषण सामग्री) की सूचना पुलिस या cybercrime.gov.in को देना; सामग्री को सुरक्षित रखना, पर कभी उसकी कॉपी न बनाना या उसे आगे न भेजना | सुरक्षा अधिकारी | बिना देरी |
| जहाँ किसी बच्चे को देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत हो सकती है, वहाँ CWC को सूचित करना | सुरक्षा अधिकारी | बिना देरी |
| साझेदार गृह के प्रभारी व्यक्ति को सूचित करना, सिवाय तब जब चिंता गृह या उसके स्टाफ़ के बारे में हो; उस स्थिति में सीधे पुलिस और CWC को रिपोर्ट करना | सुरक्षा अधिकारी | उसी दिन |
| अभिभावक को सूचित करना, सिवाय तब जब ऐसा करने से बच्चा ख़तरे में पड़ सकता हो या अभिभावक स्वयं इसमें शामिल हो | सुरक्षा अधिकारी, पुलिस की सलाह पर | सलाह के अनुसार |
| संबंधित व्यक्ति को बच्चों से हर तरह के संपर्क से निलंबित करना (यह एक तटस्थ क़दम है, कोई निष्कर्ष नहीं) | सुरक्षा अधिकारी | तुरंत |
| पुलिस और CWC के साथ पूरा सहयोग करना | सभी | पूरी प्रक्रिया के दौरान |
| क्या हुआ और क्या बदलना चाहिए, इसकी समीक्षा करना | सुरक्षा समिति | मामला बंद होने के 30 दिनों के भीतर |
6.4 अन्य चिंताएँ (शारीरिक दुर्व्यवहार, उपेक्षा, भावनात्मक नुकसान, घर पर ख़तरे में कोई बच्चा) भी उसी दिन दर्ज की जाती हैं और आगे बढ़ाई जाती हैं। अपने परिवार से बिछड़ा पाया गया कोई भी बच्चा, जैसे अनाथ, परित्यक्त या सौंपा गया बच्चा (JJ Act s.32), हो तो सुरक्षा अधिकारी को 24 घंटे के भीतर CWC या पुलिस को इसकी सूचना देनी ही होगी, और किसी भी संज्ञेय अपराध की सूचना पुलिस को देनी ही होगी, जैसे बच्चे के साथ क्रूरता (JJ Act s.75), तस्करी, बाल विवाह या बाल श्रम। किसी भी अन्य चिंता के लिए, सुरक्षा अधिकारी तय करते हैं कि पुलिस, CWC या चाइल्ड हेल्पलाइन (1098, या 112) को रिपोर्ट करना है या नहीं, और इस निर्णय का कारण दर्ज करते हैं।
6.5 कोई बदले की कार्रवाई नहीं। नेक नीयत से चिंता की सूचना देने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। बदले की कार्रवाई अपने आप में इस नीति का उल्लंघन है।
6.6 रिकॉर्ड। सुरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड अलग से, एन्क्रिप्ट करके रखे जाते हैं, और उन्हें केवल सुरक्षा अधिकारी, उप अधिकारी और समिति देख सकते हैं। इन्हें कम से कम तब तक रखा जाता है जब तक संबंधित बच्चे के 18 वर्ष का होने के बाद 7 वर्ष पूरे न हो जाएँ, और जब तक कोई चिंता, क़ानूनी कर्तव्य या मामला खुला है, इन्हें कभी नहीं मिटाया जाता।
7. सुरक्षित भर्ती और पुलिस सत्यापन
7.1 नियम। POCSO Rules, 2020, rule 3(4) के अनुसार, बच्चों के नियमित संपर्क में आने वाली किसी भी संस्था को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर स्टाफ़ सदस्य का, चाहे वह शिक्षण या ग़ैर-शिक्षण, नियमित या अनुबंध पर हो, समय-समय पर पुलिस सत्यापन और पृष्ठभूमि जाँच हो।
7.2 स्वयंसेवकों को स्टाफ़ के समान माना जाता है। साथ फ़ाउंडेशन rule 3(4) को हर उस स्वयंसेवक पर लागू करती है जो ऑनलाइन या आमने-सामने बच्चों को पढ़ाता है, उनकी निगरानी करता है या किसी और तरह से उनके संपर्क में आता है, चाहे क़ानून सख़्ती से इसकी माँग करता हो या नहीं।
7.3 किसी भी बच्चे से संपर्क से पहले, हर स्टाफ़ सदस्य और स्वयंसेवक को ये पूरे करने होंगे:
- (a) लिखित आवेदन और पहचान की जाँच;
- (b) इंटरव्यू (ऑनलाइन स्वयंसेवकों के लिए वीडियो इंटरव्यू);
- (c) दो संदर्भ (references), जिनमें से कम से कम एक ऐसे व्यक्ति का हो जिसने उन्हें काम करते (वेतन सहित या बिना वेतन) देखा हो;
- (d) पुलिस सत्यापन: वे जहाँ रहते हैं, वहाँ की राज्य पुलिस द्वारा पिछले 12 महीनों के भीतर जारी किया गया पुलिस चरित्र या सत्यापन प्रमाणपत्र (police certificate)। जो लोग पिछले 5 वर्षों में विदेश में रहे हैं, उनके लिए उस देश का पुलिस क्लीयरेंस भी;
- (e) हस्ताक्षरित स्व-घोषणा कि उन्हें भारत में या कहीं और, किसी बच्चे या कमज़ोर वयस्क के ख़िलाफ़ किसी अपराध, या किसी यौन अपराध, के लिए कभी दोषी नहीं ठहराया गया है, और वे ऐसे किसी अपराध की किसी FIR, आरोप-पत्र या लंबित मामले में आरोपी के रूप में नामित नहीं हैं, और उन्हें बच्चों से जुड़े किसी पद से सुरक्षा से जुड़ी किसी चिंता के कारण कभी बर्ख़ास्त नहीं किया गया या पद छोड़ने को नहीं कहा गया;
- (f) सुरक्षा प्रशिक्षण (धारा 12) और छोटी प्रश्नोत्तरी में सफलता;
- (g) इस नीति और संबंधित आचार संहिता पर हस्ताक्षर।
जब तक हर क़दम दर्ज और मंज़ूर नहीं हो जाता, प्लेटफ़ॉर्म बच्चों, कक्षा लिंक और बच्चों के डेटा तक पहुँच रोककर रखता है।
7.4 नवीनीकरण। पुलिस सत्यापन और स्व-घोषणा का हर 12 महीने में नवीनीकरण होता है। नवीनीकरण छूट जाने पर पहुँच अपने आप समाप्त हो जाती है।
7.5 दानदाताओं और आगंतुकों की जाँच मुलाक़ात नीति (Visit Policy) के तहत होती है।
8. स्टाफ़ (और स्वयंसेवकों) के लिए आचार संहिता
स्वयंसेवक स्वयंसेवक आचार संहिता पर भी हस्ताक्षर करते हैं, जिसमें ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अतिरिक्त नियम हैं।
आपको ये करना होगा: 1. हर बच्चे के साथ सम्मान और गरिमा से पेश आएँ। दयालु और उम्र के अनुसार उचित भाषा का उपयोग करें। 2. दो-वयस्क नियम का पालन करें: आमने-सामने या ऑनलाइन, किसी अन्य अधिकृत वयस्क की नज़र और सुनने की सीमा से बाहर, कभी किसी बच्चे के साथ अकेले न रहें। दरवाज़े खुले और कमरे दिखाई देने वाले रखें। 3. बच्चों से केवल साथ फ़ाउंडेशन के माध्यमों और साथ फ़ाउंडेशन द्वारा दिए गए खातों के ज़रिए, और केवल साथ फ़ाउंडेशन के काम के लिए संपर्क करें। 4. शारीरिक सीमाएँ बच्चे को तय करने दें। शारीरिक संपर्क केवल उतना हो जो उचित हो, सबके सामने हो और जिसकी शुरुआत बच्चे ने की हो (हाथ मिलाना, हाई-फ़ाइव)। 5. हर चिंता की सूचना उसी दिन दें (धारा 6)। 6. अगर कोई बच्चा आपसे इस तरह जुड़ जाए कि आपको चिंता हो, या अगर कोई आपसे ये नियम तोड़ने को कहे, तो सुरक्षा अधिकारी को बताएँ। 7. बच्चों की जानकारी गोपनीय रखें और उसका उपयोग केवल साथ फ़ाउंडेशन के काम के लिए करें।
आपको ये नहीं करना है: 1. किसी बच्चे को मारना, शर्मिंदा करना, धमकाना या अपमानित करना, या किसी भी तरह की शारीरिक सज़ा देना। 2. किसी बच्चे के साथ या उसके सामने यौन प्रकृति का कुछ भी करना, जिसमें यौन मज़ाक, टिप्पणियाँ या सामग्री शामिल हैं। 3. बच्चों को अपना फ़ोन नंबर, ईमेल, सोशल-मीडिया हैंडल या पता देना, या उनका या उनके परिवार का माँगना। सोशल मीडिया पर किसी बच्चे या उसके परिवार से जुड़ना। 4. निजी डिवाइस पर किसी बच्चे की फ़ोटो या वीडियो लेना, या साथ फ़ाउंडेशन की मंज़ूर प्रक्रिया (धारा 9) के बाहर किसी बच्चे की कोई भी तस्वीर साझा करना। 5. किसी बच्चे या परिवार को निजी उपहार, पैसे या एहसान देना, या उनसे लेना (किसी ड्रॉइंग जैसी छोटी निशानी के अलावा, जिसके बारे में आप स्टाफ़ को बताएँ)। 6. किसी बच्चे को कहीं ले जाना, किसी बच्चे को वाहन में ले जाना, या किसी बच्चे को अपने घर बुलाना। 7. शौचालय जाने, कपड़े पहनने या निजी देखभाल में किसी बच्चे की मदद करना (सिवाय प्रशिक्षित स्टाफ़ के रूप में, जहाँ भूमिका के लिए यह ज़रूरी हो, और दूसरे वयस्क की मौजूदगी में)। 8. किसी एक बच्चे का ऐसे पक्ष लेना जिससे वह अलग-थलग पड़ सकता हो या गोपनीयता पैदा हो। किसी बच्चे से कभी कोई राज़ रखने को न कहें। 9. बच्चों के बीच धार्मिक या राजनीतिक विचारों का प्रचार करना। 10. शराब या नशीले पदार्थों के असर में बच्चों के साथ काम करना, या उनके पास धूम्रपान करना। 11. बच्चों से प्रस्तुति करवाना, भाषण दिलवाना या उन्हें दानदाताओं या आगंतुकों के सामने "पेश" करना।
9. फ़ोटो, वीडियो, कहानियाँ और सहमति
9.1 पहले सहमति। माता-पिता या क़ानूनी अभिभावक की उसी विशेष उपयोग के लिए दर्ज और सत्यापित की जा सकने वाली सहमति, और उम्र के अनुसार उचित तरीक़े से पूछी गई बच्चे की अपनी रज़ामंदी के बिना, किसी बच्चे की कोई फ़ोटो, वीडियो, ऑडियो या कहानी न ली जाती है और न उपयोग की जाती है। बच्चे की "ना" का सम्मान किया जाता है, भले ही अभिभावक ने "हाँ" कहा हो। CCI में रहने वाले बच्चे के लिए, किसी भी सार्वजनिक प्रोफ़ाइल, फ़ोटो, कहानी या मुलाक़ात से पहले, साथ फ़ाउंडेशन को गृह के प्रभारी व्यक्ति की लिखित सहमति भी चाहिए। जहाँ माता-पिता में से किसी का पता हो और किसी आदेश ने उनसे संपर्क पर रोक न लगाई हो, वहाँ उनकी सहमति भी दर्ज की जाती है।
9.2 फ़ोटो केवल साथ फ़ाउंडेशन का स्टाफ़ लेता है, साथ फ़ाउंडेशन के अपने डिवाइस पर, साथ मिलन की एकमात्र समूह फ़ोटो भी। स्टाफ़ और स्वयंसेवक निजी डिवाइस पर बच्चों की फ़ोटो नहीं ले सकते। आगंतुक और दानदाता बच्चों की कोई भी फ़ोटो नहीं ले सकते।
9.3 तस्वीरों में क्या दिख सकता है। बच्चे सक्षम रूप में: सीखते हुए, कुछ बनाते हुए, खेलते हुए, हँसते हुए। कभी नहीं: रोते हुए, परेशानी में, फटे-पुराने कपड़ों में या बिना कपड़ों के बच्चे, या कोई भी ऐसी मुद्रा जिसे यौन रूप दिया जा सके। कभी नहीं: स्कूल के नाम, यूनिफ़ॉर्म या बैज, मकान नंबर, सड़क या दुकान के बोर्ड, पहचाने जाने वाले स्थल, वाहन की नंबर प्लेट, या कोई भी ऐसी चीज़ जिससे पता चले कि बच्चा कहाँ रहता या पढ़ता है।
9.4 मेटाडेटा। अपलोड होते समय हर फ़ाइल से EXIF और स्थान (location) का डेटा हटा दिया जाता है। फ़ाइलें एन्क्रिप्ट करके रखी जाती हैं और केवल साथ फ़ाउंडेशन के प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए साझा की जाती हैं।
9.5 सार्वजनिक उपयोग। सार्वजनिक प्रोफ़ाइल में केवल पहला नाम या चुना हुआ नाम, आयु वर्ग और ज़िला होता है। परिवार के साथ रहने वाले बच्चे के लिए, अभिभावक असली, धुंधली (blurred) या चित्रित (illustrated) तस्वीर चुनते हैं। साझेदार गृह में रहने वाले बच्चे के लिए, सार्वजनिक तस्वीर हमेशा एक चित्रण होती है। AI से बनी तस्वीरों पर हमेशा "चित्रण" का लेबल होता है और उन्हें कभी असली बच्चे के रूप में पेश नहीं किया जाता।
9.6 सहमति वापस लेना। अभिभावक या बच्चा किसी भी समय सहमति वापस ले सकते हैं। हम साथ फ़ाउंडेशन के नियंत्रण वाली हर जगह से 24 घंटे के भीतर वह तस्वीर हटा देते हैं।
9.7 ऑनलाइन कक्षाएँ तब तक रिकॉर्ड नहीं की जातीं जब तक अभिभावक ने अलग से सहमति न दी हो। रिकॉर्डिंग कभी डाउनलोड नहीं की जा सकतीं।
10. पहचान की सुरक्षा (JJ Act s.74 और POCSO Act s.23)
10.1 JJ Act s.74(1) कहता है कि किसी भी अख़बार, पत्रिका, समाचार-पत्रक, दृश्य-श्रव्य माध्यम या संचार के किसी अन्य रूप में किसी जाँच, अन्वेषण या न्यायिक प्रक्रिया के बारे में छपी कोई भी रिपोर्ट, क़ानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे, देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाले बच्चे, या किसी अपराध के पीड़ित या गवाह बच्चे का नाम, पता, स्कूल या कोई भी अन्य विवरण, जिससे उसकी पहचान हो सकती हो, उजागर नहीं कर सकती, और ऐसे किसी बच्चे की तस्वीर प्रकाशित नहीं की जा सकती। बोर्ड या CWC केवल लिखित में दर्ज कारणों से, बच्चे के सर्वोत्तम हित में, ऐसा खुलासा करने की अनुमति दे सकते हैं। इसकी सज़ा 6 महीने तक की क़ैद, ₹2 लाख तक का जुर्माना, या दोनों है। POCSO Act s.23 भी इसी तरह पीड़ित बच्चों की रक्षा करता है, और उनके लिए केवल विशेष न्यायालय (Special Court) ही खुलासे की अनुमति दे सकता है। साथ फ़ाउंडेशन नीति के तौर पर साझेदार गृह में रहने वाले हर बच्चे पर यही मानक लागू करती है, चाहे कोई कार्यवाही चल रही हो या नहीं।
10.2 इस उद्देश्य के लिए साथ फ़ाउंडेशन साझेदार गृह में रहने वाले हर बच्चे को देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाला बच्चा मानती है। इन बच्चों के लिए, और किसी भी ऐसे बच्चे के लिए जिसके बारे में पता हो कि वह JJ Act या POCSO के किसी मामले से जुड़ा है, साथ फ़ाउंडेशन:
- (a) ऐसी कोई तस्वीर प्रकाशित नहीं करती जिससे बच्चे को पहचाना जा सके। जो बच्चा किसी POCSO अपराध का पीड़ित या गवाह है, या हो सकता है, उसकी कोई भी तस्वीर या विवरण साथ फ़ाउंडेशन कभी प्रकाशित नहीं करती, चाहे कैसी भी अनुमति दी जाए;
- (b) मंज़ूर किए गए पहले नाम या चुने हुए नाम के अलावा बच्चे का नाम, या बच्चे का पता, स्कूल, साझेदार गृह या पहचान से जुड़ा कोई भी अन्य विवरण कभी प्रकाशित नहीं करती;
- (c) जहाँ प्रासंगिक हो, बच्चे के रिकॉर्ड पर "क़ानूनी कार्यवाही वाला बच्चा" का निशान लगाती है, जिससे कोई भी सार्वजनिक प्रोफ़ाइल, कहानी या फ़ोटो पूरी तरह रुक जाती है।
10.3 Rupee Trail. साझेदार गृह में रहने वाले बच्चे के लिए साथ फ़ाउंडेशन कभी स्कूल का नाम नहीं दिखाती, और जिस साथी ने बच्चे से किसी मुलाक़ात या साथ मिलन में भेंट की है, उसे भी कभी नहीं। यह नियम सेटिंग saath.trail.showSchoolName में जो भी हो, हर हाल में लागू होता है। यह सेटिंग चालू है। स्कूल का नाम केवल परिवार के साथ रहने वाले बच्चे के लिए, केवल अभिभावक की सहमति से, और केवल उस बच्चे के उन ID-सत्यापित साथियों को दिखाया जाता है जिन्होंने दानदाता शर्तें स्वीकार की हैं (गोपनीयता नीति 4.8)। बाक़ी हर स्थिति में Rupee Trail में स्कूल "{district} का एक स्कूल" के रूप में दिखता है। 10.2(c) के तहत निशान लगे किसी भी बच्चे के लिए स्कूल का नाम कभी नहीं दिखाया जाता।
11. दानदाताओं और बच्चों के बीच संपर्क
11.1 दानदाताओं और बच्चों के बीच बिना मध्यस्थता का कोई संपर्क नहीं होता।
11.2 दानदाताओं के संदेश बच्चों तक एक निगरानी वाले माध्यम से जाते हैं। बच्चे तक पहुँचने से पहले स्टाफ़ हर संदेश पढ़ता है।
11.3 आमने-सामने मुलाक़ातें केवल मुलाक़ात नीति के तहत होती हैं, केवल उस स्थल पर जिसे साथ फ़ाउंडेशन उस कार्यक्रम के लिए किराए पर लेती है, पूरे समय साथ फ़ाउंडेशन के स्टाफ़ की मौजूदगी में, और बच्चे के साथ उनके अभिभावक या साझेदार गृह के केसवर्कर रहते हैं।
11.4 दानदाता साथ फ़ाउंडेशन के बाहर बच्चे के स्कूल, साझेदार गृह, बच्चे या परिवार से न मिलने जाएँ और न संपर्क करें। उल्लंघन होने पर निलंबन होता है और सुरक्षा रिपोर्ट दर्ज होती है।
12. प्रशिक्षण
12.1 धारा 2 में आने वाला हर व्यक्ति जो बच्चों के संपर्क में आता है, पहले संपर्क से पहले साथ फ़ाउंडेशन का सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा करता है, और हर 12 महीने में पुनश्चर्या (refresher) प्रशिक्षण लेता है (POCSO Rules r.3(6))।
12.2 प्रशिक्षण में शामिल है: यह नीति; दुर्व्यवहार के संकेत पहचानना; किसी बच्चे के कुछ बताने पर कैसे प्रतिक्रिया दें; सूचना देने का क़ानूनी कर्तव्य; ऑनलाइन सुरक्षा; फ़ोटो और सहमति; और परिस्थितियों के उदाहरण।
12.3 आगंतुक आगंतुक आचार संहिता में दिया गया परिचय-प्रशिक्षण (orientation) पूरा करते हैं।
13. ऑनलाइन सुरक्षा
13.1 ऑनलाइन सत्र केवल साथ फ़ाउंडेशन के प्लेटफ़ॉर्म या साथ फ़ाउंडेशन द्वारा मंज़ूर किसी टूल पर, साथ फ़ाउंडेशन द्वारा दिए गए खातों से, अलग-अलग और ग़ैर-सार्वजनिक लिंक और वेटिंग रूम के साथ होते हैं।
13.2 हर सत्र में, चाहे समूह सत्र हो या नहीं, एक दूसरा अधिकृत वयस्क मौजूद रहता है: साथ फ़ाउंडेशन का मॉडरेटर या साझेदार गृह का स्टाफ़ सदस्य। माता-पिता दूसरे वयस्क केवल उस सत्र में हो सकते हैं जो अकेले उनके अपने बच्चे का हो। निजी संदेश बंद रहते हैं। साथ फ़ाउंडेशन कक्षा की चैट नहीं रखती; कोई भी चैट मीटिंग प्रदाता के पास उसकी सेटिंग के अनुसार रहती है।
13.3 बच्चों के लिए बने किसी भी पेज पर कोई एनालिटिक्स, ट्रैकिंग, ध्यान-निगरानी या विज्ञापन नहीं चलता।
13.4 हर सत्र और बच्चों के लिए बने हर पेज पर एक क्लिक वाला चिंता दर्ज करें बटन होता है।
14. साझेदार गृह
साथ फ़ाउंडेशन केवल JJ Act के तहत पंजीकृत या मान्यता प्राप्त बाल गृहों (Children's Homes), खुले आश्रयों (Open Shelters) और उपयुक्त सुविधाओं (Fit Facilities) के साथ काम करती है, जिनमें देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाले बच्चे रहते हैं। साथ फ़ाउंडेशन कभी भी विशेषीकृत दत्तक-ग्रहण एजेंसियों (Specialised Adoption Agencies), संप्रेक्षण गृहों (Observation Homes), विशेष गृहों (Special Homes) या सुरक्षित स्थानों (Places of Safety) के साथ काम नहीं करती। साथ फ़ाउंडेशन साझेदारी से पहले और उसके दौरान हर गृह की जाँच करती है (देखें साझेदार गृह जाँच-सूची, Partner Home Due-Diligence Checklist)। साथ फ़ाउंडेशन उम्मीद करती है कि हर गृह की अपनी बाल संरक्षण नीति हो। किसी गृह के बारे में चिंता की सूचना सीधे पुलिस और CWC को दी जाती है, केवल गृह को नहीं।
15. इस नीति का उल्लंघन
15.1 स्टाफ़ द्वारा उल्लंघन पर बर्ख़ास्तगी तक की अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। किसी स्वयंसेवक, दानदाता या आगंतुक द्वारा उल्लंघन पर निलंबन या स्थायी रूप से हटाया जाना हो सकता है।
15.2 जहाँ क़ानून इसकी माँग करता हो, या कोई बच्चा ख़तरे में हो सकता हो, वहाँ साथ फ़ाउंडेशन उल्लंघन की सूचना पुलिस, SJPU या CWC को देती है।
15.3 साथ फ़ाउंडेशन कोई भ्रामक संदर्भ (reference) नहीं देगी। जहाँ कोई चिंता प्रमाणित हुई हो, वहाँ साथ फ़ाउंडेशन सद्भावना से, बच्चों के साथ काम करने वाली किसी संस्था को रिकॉर्ड में दर्ज तथ्य बता सकती है।
16. समीक्षा
इस नीति की समीक्षा हर 12 महीने में, किसी भी गंभीर घटना के बाद, और क़ानून बदलने पर की जाती है। Meet Your Saathi और Teach a Child की स्वतंत्र सुरक्षा समीक्षा हर साल होती है।
17. उपयोगी संपर्क
| किसके लिए | संपर्क |
|---|---|
| आपात स्थिति | 112 |
| चाइल्ड हेल्पलाइन (सरकारी) | 1098, या 112 |
| साइबर-अपराध (बाल यौन शोषण सामग्री सहित) | cybercrime.gov.in, या 1930 |
| साथ फ़ाउंडेशन के सुरक्षा अधिकारी | Akansha Guptaa, +91 96258 68882 (सुबह 9 से शाम 7 बजे तक) |
| SJPU / पुलिस | उस जगह का पुलिस थाना या SJPU जहाँ बच्चा है, या जहाँ घटना हुई (या 112) |
| बाल कल्याण समिति | उस ज़िले की CWC जहाँ बच्चा रहता है (संपर्क सुरक्षा अधिकारी के पास हैं) |